20 कर्मचारियों को थमाए नोटिस

शाजापुर। मच्छरों की बढ़ती संख्या से जहां क्षेत्रवासी परेशान हैं। वहीं मच्छर लोगों को बीमार भी कर रहे हैं। बावजूद इसके मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाने का काम पिछड़ गया है। तय लक्ष्य से 27 फीसदी कम काम हुआ। समीक्षा के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 20 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नोटिस थमाए हैं। ‘हर बुखार मलेरिया हो सकता है’… इस आशंका के चलते मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाए जाती है। इसके लिए बकायदा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लक्ष्य दिए जाते हैं। छह माह के काम की समीक्षा गत दिनों की गई। इसमें पाया गया कि जिले का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। वहीं स्लाइड बनाने का काम भी पिछड़ा। 59 हजार से अधिक का था लक्ष्य जानकारी के अनुसार जिले में 1 जनवरी से जून के मध्य तक 59 हजार 757 स्लाइड बनाना थी लेकिन 43 हजार 856 स्लाइड बनाई गई। इस मान से लक्ष्य 73 प्रतिशत ही पूरा हो पाया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इस पर नाराजगी जाहिर की एवं कार्यकर्ताओं को नोटिस देने के लिए सूची बनवाई। इसमें पहले चरण में 20 ऐसे कार्यकर्ता निकलें, जिनका काम अपेक्षा से कम रहा। इन्हें शोकॉज नोटिस स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कर जवाब मांगा गया है। अब तक 22 मलेरिया मरीज मौसम में आए बदलाव के चलते मच्छरों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। प्री-मानसून के दौरान आया पानी खाली भूखंडों में जमा हुआ है। इसके चलते इनमें मच्छर पनप रहे हैं। मच्छर वायवेक्स, फेल्सिफेरम आदि तरह के मलेरिया फैलाते हैं। अब तक 22 लोगों को मलेरिया पाया गया। जिनका उपचार किया गया। भू-खंडों में जमा पानी में पनप रहे मच्छर इधर, बारिश का सीजन थमने के बाद नदी-नालों के पानी में मच्छरों के लार्वा पनपते हैं लेकिन इन्हें चट करने के लिए गंबुसिया मछली कारगार साबित होती है। ऐसे में मलेरिया विभाग गंबुसिया मछली मंगवाकर नदी, नालों व पोखरों में डालता है किंतु इस बार अभी तक बारिश के अते-पते नहीं हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बुखार आने पर इसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि ठंड लगकर बुखार आना, पसीना होकर बुखार उतरना, एक दिन छोड़कर बुखार आना जैसे लक्ष्ण पाए जाने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर रेपिड डायग्नोजिस्टक कीट के माध्यम से निशुल्क खून की जांच कराए और 15 मिनट में रिपोर्ट लें। रिपोर्ट में मलेरिया पाए जाने पर पूर्ण इलाज निशुल्क होता है। मलेरिया की दवा खाली पेट न खाए, इसका ध्यान रखें। नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र अथवा आशा कार्यकर्ता के पास मलेरिया की जांच के लिए रेपिड डायग्नोजेस्टिक कीट तथा समस्त दवाएं निशुल्क उपलब्ध रहती हैं।

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