सुध लेने की पड़ी,हादसे के बाद प्रशासन को

देवास। अंधाधुंध गति से दौड़ती बसों पर अब प्रशासन की नजर पड़ी है। सोमवार शाम को हुए हादसे के बाद प्रशासन जागा और बसों की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक जिम्मेदारों ने जरूरी कदम क्यों नहीं उठाए। अलग-अलग रूटों पर बस संचालकों की मनमानी के संबंध में कई बार समाचार प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यानाकर्षण भी करवाया लेकिन परिवहन अधिकारी स्टाफ की कमी की बात कहते रहे, तो पुलिस कार्रवाई का आश्वासन देती रही। जब सोमवार को हादसा हुआ और 30 से अधिक लोगों की जान पर संकट आया तो कलेक्टर को कहना पड़ा कि अब सख्त कार्रवाई करेंगे। दरअसल देवास से इंदौर और उज्जैन रूट पर चलने वाली बसों में अक्सर मनमानी की शिकायतें मिलती रहती है। सबसे बड़ी समस्या ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार की रहती है। खासकर उपनगरीय बसों के संचालक जल्दी स्टैंड पर पहुंचकर नंबर लेने की होड़ में सैकड़ों मुसाफिरों की जान संकट में डालते हैं। सोमवार को हुए हादसे के बाद भी यात्रियों ने यही कहा था कि बस की गति बहुत तेज थी इस कारण असंतुलित होकर पलट गई। उज्जैन रोड पर तो हालात और भी खराब है क्योंकि यहां बसों की संख्या कम है और रोड भी संकरा है। इसके चलते ओवरटेकिंग के दौरान अक्सर हादसे की आशंका बनी रहती है। पूर्व में कई बार हादसे हो चुके हैं लेकिन जिम्मेदारों ने इनसे कोई सबक नहीं लिया। कलेक्टर बोले- सख्त कार्रवाई करेंगे अब तक हुए हादसे के बाद घायलों के उपचार में भी जिला अस्पताल की बदहाली सामने आती थी लेकिन सोमवार को जब कलेक्टर आशीष सिंह खुद अस्पताल पहुंचे तो व्यवस्थाएं पटरी पर दिखीं। लंबे समय बाद किसी कलेक्टर ने खुद अस्पताल जाकर घायलों से चर्चा की लेकिन सवाल यही उठा कि जब तक कारगर कार्रवाई नहीं होगी तब तक इस तरह के हादसों की आशंका बनी रहेगी। कलेक्टर ने पूछे जाने पर कहा कि इस बारे में संबधितों को निर्देश दिए हैं। जल्द ही बसों की चेकिंग के लिए अभियान चलाया जाएगा। नियमविरुद्ध चलने वाली बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नजर आ रही तालमेल की कमी इधर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन अधिकारी के बीच भी तालमेल की कमी नजर आ रही है। परिवहन अधिकारी एचएल सिमरिया हर बार यही कहते हैं कि हमारे पास स्टाफ नहीं है। ऐसे में चेकिंग कैसे करें। पुलिस सहयोग नहीं करती। वहीं पुलिस का कहना है कि बसों के परमिट और फिटनेस परिवहन कार्यालय से ही जारी होते हैं। उनको इस ओर ध्यान देना चाहिए। हम सहयोग के लिए तैयार हैं। दोनों विभागों के बीच सामंजस्य के अभाव के चलते बस संचालकों की मनमानी जारी है और जिम्मेदारों को मुंह चिढ़ाकर बसें चल रही हैं। नहीं करते कार्रवाई वैसे यातायात पुलिस का अमला शहर के चौराहों पर तैनात रहता है। बसें शहर में भी उनके सामने स्पीड से निकलती है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करता। शुरू करेंगे अभियान -रूटीन की जांच चलती रहती है। विशेष जांच अभियान जल्द शुरू करेंगे। इसके लिए भूमिका तैयार कर रहे हैं। स्पीड गवर्नर के लिए खास प्लान बनाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। परमिट और फिटनेस आरटीओ से जारी होते हैं, उन्हें कार्रवाई करना चाहिए। -पवनकुमार बागड़ी, ट्रैफिक टीआई, देवास कार्रवाई करेंगे -कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। जल्द ही फ्लाइंग स्क्वाड आएगा। इसके बाद बसों की जांच का विशेष अभियान शुरू करेंगे। जो भी बस नियम विरुद्ध सड़कों पर चलती पाई गई उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करेंगे। -एचएल सिमरिया, जिला परिवहन अधिकारी|

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