संपत्ति होगी कुर्क सूदखोरों की

देवास। नर्मदा-मालवा ग्रामीण बैंक के पूर्व मैनेजर कैलाशप्रसाद यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले सूदखोरों की सपंत्ति कुर्क की जाएगी। इसके लिए बीएनपी पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। उधर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रविवार सुबह करीब चार बजे पुलिस ने आरोपियों के घरों पर दबिश दी लेकिन कोई नहीं मिला। उल्लेखनीय है कि कर्ज से परेशान होकर नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के पूर्व मैनेजर कैलाशप्रसाद यादव ने विजय नगर स्थित घर पर 19 दिसंबर 2016 को आत्मदाह कर लिया था। मामले में सिविल लाइंस पुलिस ने जांच शुरू की थी। उधर मृतक के घर से एक सुसाइड नोट मिला था जिसमें सूदखोरों के नाम लिखे थे लेकिन छह माह में भी सिविल लाइंस पुलिस जांच पूरी नहीं कर सकी और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ। मामले में मृतक की पत्नी ने कोर्ट की शरण ली थी और कोर्ट के आदेश पर छह जुलाई की रात मामले में पुलिस ने मोतीबंगला निवासी कैलाशनारायण शुक्ला, हाजी मुश्ताक निवासी मिश्रीलाल नगर, तपन महाजन निवासी मालीपुरा, मोहनसिंह चंदाना निवासी सिविल लाइंस क्रॉसिंग के पास, राधावल्लभ सिंगी महाप्रबंधक नर्मदा मालवा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, मनोहर वाधवानी निवासी एमजी रोड व विनोद शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में सिविल लाइंस पुलिस की भूमिका संदिग्ध होने पर एसपी अंशुमान सिंह ने मामले की जांच बीएनपी टीआई उमरावसिंह को सौंपी थी। पुलिस अब कॉल डिटेल के आधार पर मामले की जांच कर रही है। बीएनपी टीआई सिंह ने बताया मामले में रविवार सुबह चार बजे आरोपियों के घर पर दबिश दी थी लेकिन कोई नहीं मिला। अब उनकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। आरोपी कैलाश नारायण शुक्ला सोनकच्छ में सहायक व्याख्याता है इसलिए शिक्षा विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। नहीं पता कहां गया पैसा पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों से मैनेजर यादव ने काफी पैसा लिया था लेकिन यह पैसा कहां गया यह किसी को पता नहीं है। घर वाले भी नहीं बता पा रहे हैं कि पैसा कब लिया और कहां खर्च किया। उधर पुलिस ने मामले में उज्जैन के एक ज्योतिष को भी बुलाकर उनके बयान लिए।

Leave a Comment